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चंद्र नव वर्ष से पहले चीन के आर्थिक स्वास्थ्य, नागरिकों की भावी सुरक्षा को बर्बाद करता CCP नेतृत्व

फ़ोरम स्टाफ़

पीपल्स रिपब्लिक ऑफ़ चाइना (PRC) की अर्थव्यवस्था के लिए बुरी ख़बरें आती रहती हैं, जिससे कई नागरिकों के लिए चंद्र नव वर्ष की उम्मीदों पर पानी फिर गया है।

फरवरी 2024 की शुरुआत में, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने कहा कि चीन की आर्थिक मंदी 2028 तक जारी रहेगी। एजेंस फ़्रांस-प्रेसे (AFP) समाचार एजेंसी ने बताया कि IMF के अनुमान के अनुसार चीन की वृद्धि दर 2028 तक घटकर 3.5% हो जाएगी, जो पिछली तिमाही के 4.6% के पूर्वानुमान से कम है। सरकार के अनुसार, 2023 में चीन की अर्थव्यवस्था 5.2% की दर से बढ़ी, जो दशकों में उसकी सबसे धीमी दर थी। AFP की रिपोर्ट के अनुसार, वैश्विक माँग में गिरावट के कारण सात वर्षों में पहली बार 2023 में चीनी निर्यात में भी गिरावट आई।

यह ख़बर हांगकांग उच्च न्यायालय द्वारा चाइना एवरग्रांडे ग्रुप के खिलाफ़ परिसमापन आदेश जारी करने के कुछ ही दिनों बाद आई, जिस चीनी संपत्ति की दिग्गज कंपनी ने 30 हज़ार करोड़ ($300 बिलियन) अमेरिकी डॉलर से अधिक का कर्ज़ होने का खुलासा किया और अब यह चीन के सबसे ख़राब रियल एस्टेट संकट का प्रकटीकरण है। एवरग्रांडे के पतन के कारण रियल एस्टेट में डिफ़ॉल्ट तथा नौकरी छूटने का सिलसिला शुरू हो गया और पीड़ितों का एक नया वर्ग तैयार हुआ: घर खरीदने वाले संपत्ति के बिना रह गए। बीजिंग के अनुसार, 2023 में संपत्ति निवेश में कुल मिलाकर 9.6% की गिरावट आई।

जनवरी 2024 में हांगकांग की एक अदालत ने चीनी प्रॉपर्टी डेवलपर चाइना एवरग्रांडे ग्रुप के परिसमापन का आदेश दिया, जिस पर 300 अरब ($300 बिलियन) अमेरिकी डॉलर से अधिक का कर्ज़ है।
छवि आभार: द एसोसिएटेड प्रेस

समाचार प्रसारक CNN के अनुसार, अधिकांश नागरिकों को वित्तीय सुरक्षा और समृद्धि प्रदान करने में चीनी सरकार की अक्षमता तेजी से स्पष्ट हो रही है, क्योंकि युवाओं के बीच बेरोज़गारी इतनी बढ़ गई है कि PRC ने डेटा प्रकाशित करना बंद कर दिया है। जून 2023 तक रिकॉर्ड 21.3% बेरोज़गार थे, जिसके बाद सरकार ने नौकरियों की रिपोर्ट निलंबित कर दी। दिसंबर में, सरकारी आँकड़ों ने 16 से 24 वर्ष की आयु के बीच 14.9% बेरोज़गारी की सूचना दी, लेकिन समाचार प्रसारक CNBC के अनुसार, छात्रों को शामिल न करने के लिए आँकड़ों को समायोजित किया गया, जिससे ऐतिहासिक तुलना चुनौतीपूर्ण हो गई।

IMF का अनुमान है कि चीन में नए आवास की माँग अगले दशक में लगभग 50% कम हो सकती है और उसने चेतावनी दी है कि अगर चीन का संपत्ति बाज़ार स्थिर रहा, तो यह “निजी माँग पर और दबाव डाल सकता है और भरोसे को बिगाड़ सकता है।” याहू फ़ाइनैंस के अनुसार, हाल के दशकों में, चीन की आर्थिक गतिविधि में रियल एस्टेट क्षेत्र का हिस्सा लगभग 20% था।

IMF ने बताया कि सिमटती वृद्धि के अलावा, चीन के लिए घटती उत्पादकता और बढ़ती आबादी के आर्थिक प्रभावों का सामना करना जारी रहेगा। साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट अख़बार की रिपोर्ट के अनुसार, जनवरी 2024 में, बीजिंग ने पुष्टि की कि जन्म दर में 5.6% की गिरावट के साथ 2023 में जनसंख्या 20.8 लाख (2.08 मिलियन) घटकर 140.97 करोड़ (1.4097 बिलियन) हो गई।

विश्लेषकों ने कहा कि घटती श्रम आपूर्ति, स्वास्थ्य देखभाल और सामाजिक ख़र्च में वृद्धि के साथ मिलकर, चीन के राजकोषीय घाटे और कर्ज़ के बोझ को बढ़ा सकती है और घरेलू बचत को कम कर सकती है, जिसके परिणामस्वरूप सामान्यतः उच्च ब्याज दरों और कम निवेश का सामना करना पड़ता है।

CCP के महासचिव शी जिनपिंग (Xi Jinping) की सैन्य और आधिपत्यवादी महत्वाकांक्षाओं को संतुष्ट करने के लिए भारी ख़र्च के सामने उन नागरिकों के लिए स्थिति और भी दयनीय होती जा रही है जो विशेषाधिकार प्राप्त चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (CCP) के सदस्य नहीं हैं। उदाहरण के लिए, चीनी सरकार सैन्य विस्तारवाद पर प्रति वर्ष 230 अरब ($230 बिलियन) अमेरिकी डॉलर से अधिक ख़र्च कर रही है और 2013 से विकासशील देशों में आधारभूत संरचना से जुड़ी परियोजनाओं पर 430 हज़ार करोड़ ($4.3 ट्रिलियन) डॉलर से अधिक ख़र्च कर चुकी है, एक अनुमान के अनुसार इसमें से आधे से अधिक शी (Xi) की वन बेल्ट, वन रोड योजना के अंतर्गत ख़र्च हुआ है।

अपने बड़े पैमाने पर प्रचार अभियानों के बावजूद, CCP ऐसे नागरिकों से आर्थिक वास्तविकताओं को छिपा नहीं सकती है जो आर्थिक समस्याएँ महसूस करते हैं और बेहतर नेतृत्व की चाहत रखते हैं। नौकरी की कमी, गिरती क़ीमतें और बढ़ते रियल एस्टेट संकट में योगदान देने के साथ-साथ, एवरग्रांडे के परिसमापन का मतलब है कि चीनी सरकार बेलआउट यानी राजस्व सहायता प्रदान नहीं करेगी। चीन में संपत्ति के ख़रीदारों के पास मुआवज़ा माँगने की कोई व्यवस्था नहीं होगी। रेडियो फ़्री एशिया (RFA) के अनुसार, सोशल मीडिया पर शिक़ायतों और शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों ने भी सरकारी कार्रवाई को प्रेरित करने में कोई भूमिका नहीं निभाई।

“भविष्य में, हम केवल ख़ुद पर भरोसा कर सकते हैं और व्यावसायिक जोखिम उठा सकते हैं। अगर पूंजी शृंखला में कोई रुकावट आती है और चलनिधि का जोखिम आता है, तो संभवत: चीनी सरकार पर्याप्त हस्तक्षेप नहीं करेगी,” वित्तीय मामलों के विद्वान लिंग सी (Ling Si) ने RFA को बताया। RFA की रिपोर्ट के अनुसार इसके परिणामस्वरूप, चीनी नागरिकों द्वारा लड़खड़ाती अर्थव्यवस्था का सामना करने के कारण, सरकार रियल एस्टेट से जुड़ी सट्टेबाजी पर प्रतिबंधों में ढील दे रही है, एक ऐसी नीति जो शासक वर्ग का पक्ष लेती है।

विश्लेषकों का तर्क है कि जश्न मनाने के बजाय, कई चीनी नागरिकों के लिए चंद्र नव वर्ष आर्थिक गिरावट का प्रतीक बनता जा रहा है। 2020 में इसी अवधि के दौरान, चीन ने महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्वास्थ्य डेटा को रोककर और वायरस के संचरण तथा रुग्णता के बारे में जानकारी को दबाकर, नागरिकों को छुट्टियों के दौरान दुनिया भर में स्वतंत्र रूप से मिलने-जुलने और यात्रा करने की न केवल अनुमति देते हुए, बल्कि उसे प्रोत्साहित करते हुए, COVID-19 महामारी के प्रसार को प्रश्रय दिया, जिसके फलस्वरूप हुई वैश्विक आर्थिक मंदी की शुरुआत अब चीन की अर्थव्यवस्था को सबसे ज़्यादा प्रभावित कर सकती है।

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