दक्षिणपूर्व एशिया / एसईएसाझेदारी

क्षेत्रीय एकता को मज़बूत करते दक्षिण पूर्व एशियाई राष्ट्र

फ़ोरम स्टाफ़

दक्षिण पूर्व एशियाई देश सामूहिक रक्षा और सहयोग की ज़रूरत वाले मुद्दों पर काम करने के काफ़ी इच्छुक हैं, जैसा कि संयुक्त समुद्री सुरक्षा और वाणिज्य को मज़बूत करने पर वियतनामी राष्ट्रपति वो वान थुओंग (Vo Van Thuong) और इंडोनेशियाई राष्ट्रपति जोको विडोडो (Joko Widodo) के बीच जनवरी 2024 के मध्य में हनोई में हुई वार्ता से पता चलता है। बेनार न्यूज़ की रिपोर्ट के अनुसार, नेताओं ने विवादित दक्षिण चीन सागर में “शांति, स्थिरता … और नैविगेशन की स्वतंत्रता के महत्व की पुष्टि की।”

पीपल्स रिपब्लिक ऑफ़ चाइना (PRC) ने समुद्र पर व्यापक दावे किए हैं और अंतरराष्ट्रीय न्यायाधिकरण के 2016 के इस फ़ैसले की अनदेखी करना जारी रखा है कि दावों का कोई क़ानूनी आधार नहीं है। विडोडो एक यात्रा के हिस्से के रूप में हनोई में मौजूद थे, जिसमें ब्रुनेई और फ़िलीपींस भी शामिल हुए थे — वे देश, जिन्होंने वियतनाम की तरह, चीनी जहाज़ों द्वारा समुद्री क्षेत्र में घुसपैठ अनुभव किया है।

इंडोनेशिया-वियतनाम वार्ता 2022 में हुई प्रगति जारी रही है जब राष्ट्र 12 वर्षों की परस्पर-बातचीत के बाद अपने संबंधित विशेष आर्थिक क्षेत्रों के परिसीमन —या सीमाओं को परिभाषित करने — पर सहमत हुए। विश्लेषकों ने कहा कि यह समझौता महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह दक्षिण पूर्व एशियाई देशों के संगठन (आसियान) के सदस्यों के बीच समुद्री विवादों को कम करता है और समुद्र के क़ानून पर 1982 के संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन में निहित समुद्री मानदंडों को बनाए रखने की इच्छा को दर्शाता है। एसोसिएटेड प्रेस ने बताया कि हालिया बैठक में, इंडोनेशिया और वियतनाम ने मत्स्य पालन सहयोग और ऊर्जा तथा संचार जैसे क्षेत्रों में समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।

फ़िलीपीन के राष्ट्रपति फ़र्डिनेंड मार्कोस जूनियर (Ferdinand Marcos Jr.) ने भी जनवरी के अंत में हनोई में थुओंग से मुलाक़ात की। CNN फ़िलीपींस के अनुसार, नेताओं से अपने देशों के तटरक्षकों के बीच सहयोग को उन्नत करने वाले एक समझौते पर हस्ताक्षर करने की उम्मीद थी।

विश्लेषकों ने कहा कि इस तरह के समझौते आसियान के लिए न केवल बीजिंग के साथ क्षेत्रीय विवादों में एकजुट मोर्चा पेश करने, बल्कि सदस्य देशों के बीच मतभेदों को सुलझाने का भी आधार हैं। आसियान अपने 10 सदस्यों के बीच आर्थिक और सुरक्षा सहयोग को बढ़ावा देता है।

मार्कोस और विडोडो ने जनवरी 2024 की शुरुआत में दक्षिणी चीन सागर के विकास और दक्षिण पूर्व एशियाई देशों के बीच संबंधों को मज़बूत करने सहित ऊर्जा व रक्षा सहयोग पर चर्चा करने के लिए मुलाक़ात की। वियतनामी अकादमिक वु ले थाई होआंग (Vu Le Thai Hoang) और शोधकर्ता न्गो डि लैन (Ngo Di Lan) ने 2023 के मध्य में द डिप्लोमैट पत्रिका के लिए लिखा था कि दक्षिण पूर्व एशियाई देशों को “पहल करनी चाहिए और सामूहिक रूप से बदलाव के समय क्षेत्रीय व्यवस्था को आकार देने में अपनी भूमिका पर ज़ोर देना चाहिए।”

आसियान और उसके सदस्य अपने प्रयासों को सशक्त कर रहे हैं। उदाहरण के लिए, जुलाई 2023 में, आसियान ने सिंगापुर में साइबर सुरक्षा अनुसंधान और सहयोग के लिए एक क्षेत्रीय मुख्यालय खोला। “साइबर डोमेन से आने वाले ख़तरे भौगोलिक सीमाओं का सम्मान नहीं करते हैं और इस पर प्रभावी प्रतिक्रिया के लिए अंतरराष्ट्रीय समन्वय व सहयोग की आवश्यकता होगी,” द जापान टाइम्स अख़बार की रिपोर्ट के अनुसार, सिंगापुर के रक्षा मंत्री अंग एंग हेन (Ng Eng He) ने उद्घाटन समारोह में कहा।

इस बीच, इंडोनेशिया, मलेशिया, सिंगापुर और थाईलैंड दक्षिणी चीन सागर की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सहयोग को मज़बूत कर रहे हैं, जैसे कि समुद्री अंतरराष्ट्रीय अपराध से निपटने के लिए 2004 में बनाया गया मलक्का जलडमरूमध्य गश्ती दल।

सिंगापुर के वरिष्ठ रक्षा राज्य मंत्री हेंग ची हाउ (Heng Chee How) ने 2023 में कहा, इस तरह के सहयोगात्मक प्रयास “आश्वासन प्रदान करने, ग़लतफ़हमी को हटाने और फिर क्षेत्र की सुरक्षा में सकारात्मक योगदान देने में काफ़ी मदद करेंगे।”

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