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ऑस्ट्रेलिया ने प्रशांत द्वीप के पड़ोसियों के साथ किया समुद्री सुरक्षा सहयोग को मज़बूत

टॉम अब्के (Tom Abke)

ऑस्ट्रेलिया और प्रशांत महासागर के द्वीपीय देशों के बीच रक्षा साझेदारी का दशकों पुराना स्थायी इतिहास रहा है। हाल के वर्षों में, ऑस्ट्रेलिया ने समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करके और संयुक्त गश्त, समुद्री निगरानी, क्षमता निर्माण उपायों तथा साझेदारी समझौतों के माध्यम से अवैध मछली पकड़ने, समुद्री डकैती और अन्य समुद्री ख़तरों का मुक़ाबला करके उन देशों के साथ समुद्री सुरक्षा सहयोग को मज़बूत करने के अपने प्रयासों में उल्लेखनीय रूप से वृद्धि की है।

ऑस्ट्रेलियाई कमांड और स्टाफ़ कॉलेज में क्षेत्रीय सुरक्षा अध्ययन के पूर्व निदेशक कार्लाइल थायर (Carlyle Thayer) ने फ़ोरम को बताया कि ये विकसित प्रयास क्षेत्रीय सुरक्षा की बदलती गतिशीलता और पैसिफ़िक में अपने पड़ोसियों के प्रति ऑस्ट्रेलिया की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।

थायर के अनुसार, इस संबंध में ऑस्ट्रेलिया की पहली बड़ी पहल पैसिफ़िक पेट्रोल बोट प्रोग्राम थी, जिसे मई 1987 में शुरू किया गया था। कार्यक्रम के तहत, ऑस्ट्रेलिया ने मुख्य रूप से 12 द्वीप देशों को उनके विशेष आर्थिक क्षेत्रों के भीतर मछली पकड़ने की निगरानी के लिए 22 जहाज़ उपलब्ध कराए। कैनबरा ने सितंबर 2016 में घोषित पैसिफ़िक स्टेप-अप पहल के माध्यम से अपनी प्रतिबद्धता को बढ़ाया, जो क्षेत्रीय सुरक्षा पर उसके बढ़ते फ़ोकस का प्रदर्शन था।

चालू सहयोग के लिए अंतरसरकारी संगठन, पैसिफ़िक द्वीप-समूह फ़ोरम (PIF) द्वारा क्षेत्रीय सुरक्षा पर बोई घोषणा को 2018 में अपनाना काफ़ी महत्वपूर्ण रहा, जिसके 18 सदस्यों में ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड के अलावा छोटे द्वीप राष्ट्र शामिल हैं। थायर ने कहा, घोषणा में सुरक्षा की परिभाषा को व्यापक बनाया गया है, जिसमें अंतरराष्ट्रीय अपराध और जलवायु परिवर्तन सहित मानव, साइबर, संसाधन तथा पर्यावरण सुरक्षा को शामिल किया गया।

उन्होंने कहा, “बोई घोषणा के तहत, ऑस्ट्रेलिया ने 30-वर्षीय पैसिफ़िक समुद्री सुरक्षा कार्यक्रम [PMSP] का उद्घाटन किया, जिसमें पैसिफ़िक गश्ती नौकाओं को बदलना, हवाई निगरानी कार्यक्रम शुरू करना और क्षेत्रीय सुरक्षा समन्वय को बढ़ावा देना शामिल है।”

PIF मत्स्य पालन एजेंसी द्वारा समन्वित और ऑस्ट्रेलिया के रक्षा विभाग द्वारा पूर्णतः वित्त पोषित निगरानी घटक, दिसंबर 2017 में शुरू हुआ। नागरिक ठेकेदार मध्य और पश्चिमी पैसिफ़िक क्षेत्र में सालाना 1,400 घंटे की हवाई निगरानी प्रदान करते हैं, द्वीप देशों को खुफ़िया लक्ष्यीकरण और गश्त में सहायता करते हैं।

रैंड कॉर्प के अनुसार, PMSP का प्राथमिक ध्यान अवैध, असूचित और अनियमित मछली पकड़ने का मुक़ाबला करना है, जिसमें पीपल्स रिपब्लिक ऑफ़ चाइना से जुड़े जहाज़ों को मुख्य अपराधी माना जाता है।

थायर ने कहा, PMSP के तहत ऑस्ट्रेलिया की क्षमता-निर्माण प्राथमिकताएँ बहुआयामी हैं। इनमें मूल गश्ती नौकाओं को उन्नत गार्जियन-श्रेणी के जहाज़ों से बदलना शामिल है, 130 करोड़ ($1.3 बिलियन) अमेरिकी डॉलर का निवेश, जिसमें देश में सलाहकार, प्रशिक्षण और आधारभूत संरचना उन्नयन भी शामिल हैं। कार्यक्रम में पैसिफ़िक सुरक्षा के संयुक्त प्रमुखों की वार्षिक बैठकें, कैनबरा में पैसिफ़िक सेक्युरिटी कॉलेज के माध्यम से क्षेत्रीय प्रशिक्षण और क्षेत्रीय समन्वय केंद्रों के लिए वर्धित फ़ंडिंग शामिल है।

“इसके अलावा, ऑस्ट्रेलिया इस क्षेत्र में दीर्घकालिक नौसैनिक जहाज़ों की तैनाती के ज़रिए रक्षा जुड़ाव को आगे बढ़ा रहा है जो फ़िजी, फ़्रेंच पोलिनेशिया, माइक्रोनेशिया, न्यू कैलेडोनिया, पापुआ न्यू गिनी, समोआ, सोलोमन द्वीप, टोंगा, वानुअतु और तिमोर-लेस्ते जैसे क्षेत्रीय राष्ट्रों के साथ व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करता है,” थायर ने कहा।

हवाई निगरानी कार्यक्रम का समन्वय करने वाले PIF फ़िशरीज एजेंसी जैसे क्षेत्रीय संगठन, और समुद्री आसूचना तथा ऑस्ट्रेलिया, फ़्रांस, न्यूज़ीलैंड तथा संयुक्त राज्य अमेरिका सहित निगरानी का समर्थन करने वाले चतुर्पक्षीय रक्षा समन्वय समूह इन प्रयासों के संपूरक हैं।

थायर ने कहा कि हालिया घटनाक्रम क्षेत्रीय सुरक्षा के प्रति ऑस्ट्रेलिया की प्रतिबद्धता को उजागर करता है। इनमें कैनबरा द्वारा फ़िजी के साथ सैन्य स्थिति समझौते पर हस्ताक्षर करना, तुवालु के साथ सुरक्षा संधि और पापुआ न्यू गिनी के साथ सुरक्षा समझौते पर हस्ताक्षर करना शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, मई 2023 में पापुआ न्यू गिनी और अमेरिका के बीच हस्ताक्षरित रक्षा सहयोग समझौता बढ़ते क्षेत्रीय सहयोग का उदाहरण है।

टॉम अब्के सिंगापुर से रिपोर्टिंग करने वाले फ़ोरम संवाददाता हैं।

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